प्रयागराज: उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) के परिणाम जारी होने से पहले ही उत्तर कुंजी (Answer Key) को लेकर विवादों का सिलसिला शुरू हो गया है। हाल ही में जारी की गई उत्तर कुंजी पर राज्य भर के परीक्षार्थियों ने भारी असंतोष व्यक्त किया है। उत्तर प्रदेश बीटीसी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव और बड़ी संख्या में अन्य अभ्यर्थियों ने आधिकारिक उत्तर कुंजी में कई महत्वपूर्ण तकनीकी और तथ्यात्मक खामियों का आरोप लगाया है।
ऑनलाइन आपत्ति दर्ज कराने की अंतिम समय-सीमा
इस विवाद को संज्ञान में लेते हुए उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। आयोग के उप सचिव, संजय सिंह ने स्पष्ट किया है कि जिन अभ्यर्थियों को मास्टर सेट की अनंतिम उत्तर कुंजी में दी गई जानकारी पर संदेह है या जो प्रश्न गलत प्रतीत हो रहे हैं, वे अपनी आपत्तियां ऑनलाइन दर्ज करा सकते हैं।
- अभ्यर्थियों को अपनी आपत्तियां 14 जुलाई की रात 12 बजे तक अनिवार्य रूप से दर्ज करानी होंगी।
- आपत्ति दर्ज करने के लिए आयोग ने विस्तृत दिशा-निर्देश अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर जारी कर दिए हैं।
- आयोग ने आश्वस्त किया है कि यदि जांच के दौरान प्रश्न त्रुटिपूर्ण पाए जाते हैं, तो उन प्रश्नों को निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
विवादित प्रश्नों का विस्तृत विश्लेषण
परीक्षार्थियों ने मुख्य रूप से चार बड़े प्रश्नों पर अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है, जिनके आधार निम्नलिखित हैं:
- संस्कृत का प्रश्न (प्राथमिक स्तर): परीक्षा की दूसरी पाली में पूछे गए एक प्रश्न पर आपत्ति जताते हुए छात्रों ने कहा है कि आयोग द्वारा माना गया उत्तर 'न' गलत है, जबकि व्याकरण के अनुसार सही उत्तर 'ष' होना चाहिए। विशेषज्ञों का तर्क है कि 'श, ष, स, ह' ऊष्म वर्णों की श्रेणी में आते हैं, जिनके उच्चारण के दौरान मुख से गर्म वायु बाहर निकलती है।
- आपदा प्रबंधन प्रश्न (जूनियर स्तर): प्रश्न संख्या 146 पर छात्रों ने सवाल उठाया है। आयोग ने विकल्प (ए) को सही माना है, लेकिन आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 2 (डी) और यूएनडीआरआर (UNDRR) की परिभाषा का हवाला देते हुए छात्र इसे गलत बता रहे हैं। छात्रों के अनुसार, यह परिभाषा विकल्प (सी) से मेल खाती है, जबकि विकल्प (ए) केवल आपातकालीन स्थिति का वर्णन मात्र करता है।
- हिंदी तत्सम-तद्भव युग्म (जूनियर स्तर): इस प्रश्न में 'माता-मां' को सही माना गया है। छात्रों का तर्क है कि हिंदी के प्रसिद्ध विद्वानों डॉ. हरदेव बाहरी, डॉ. धीरेंद्र वर्मा और डॉ. भोलानाथ तिवारी के शब्दकोशों के अनुसार 'अग्नि-आग' और 'अक्ष-आंख' भी पूरी तरह प्रमाणित युग्म हैं। अतः छात्रों की मांग है कि या तो विकल्प (सी) और (डी) दोनों को सही माना जाए या प्रश्न को ही निरस्त किया जाए।
- मुहावरे का अर्थ (जूनियर स्तर): प्रश्न संख्या 53 में 'एक आंख से देखना' मुहावरे का अर्थ आयोग ने 'अंधाधुंध करना' दिया है। परीक्षार्थियों के अनुसार, यह अर्थ पूरी तरह त्रुटिपूर्ण है। मानक हिंदी कोशों के आधार पर इसका सही अर्थ 'सभी के साथ समान व्यवहार करना या पक्षपात न करना' होता है, जिसे मान्यता दी जानी चाहिए।

